पटना
बिहार की राजधानी पटना से 4 शहरों के बीच रैपिड रेल चलाई जाएगी। सम्राट कैबिनेट ने चार रूट पर रैपिड ट्रेन चलाने के लिए डीपीआर तैयार करने की मंजूरी दे दी है। पटना से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गयाजी के बीच इन चार अलग-अलग रूट पर रैपिड रेल चलाई जाएगी। सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सम्राट कैबिनेट ने अन्य कई अहम प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई है। पटना एम्स का विस्तार किया जाएगा। साथ ही 3 जिलों में केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को खुद राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि बिहार में आधुनिक एवं तीव्र सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत राज्य में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के चार प्रमुख कॉरिडोर के निर्माण के लिए अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की मंजूरी कैबिनेट से दे दी गई है।

NCRTC को रैपिड रेल के डीपीआर की जिम्मेदारी
बिहार में रैपिड रेल कॉरिडोर का डीपीआर बनाने के लिए दिल्ली एनसीआर में संचालित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को नामित किया गया है। सीएम ने कहा कि तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विकास, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ बनाने तथा आर्थिक एवं शहरी विकास को नई गति प्रदान करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

बिहार में इन रूट पर चलेगी रैपिड रेल-
    पटना से मुजफ्फरपुर (हाजीपुर और सोनपुर होकर)
    पटना से बेगूसराय
    पटना से आरा
    पटना से गयाजी

पटना एम्स का होगा विस्तार
सम्राट कैबिनेट ने पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का विस्तार करने का फैसला लिया है। इसके लिए दानापुर के भूसौला में 26.76 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इस परियोजना पर लगभग 348.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सीएम ने कहा कि पटना एम्स के विस्तार से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा, मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी।

3 जिलों में केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन
मधउबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर जिले में नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए जमीन हस्तांतरण को बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इन जिलों में 5-5 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को 1 रुपये के टोकन लीज पर 30 साल के लिए दी जाएगी।

मछली पालकों के लिए BAIDCL का गठन
मत्स्य पालन और जलीय कृषि केंद्र को बढ़ावा देने के लिए बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (BAIDCL) का गठन किया जाएगा। इसकी मंजूरी राज्य कैबिनेट से मिल गई है। सम्राट चौधरी ने कहा कि आधुनिक मत्स्य अवसंरचना के विकास, निवेश को प्रोत्साहन देने, रोजगार सृजन तथा मत्स्य पालकों की आय में बढ़ोतरी के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा

 

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Source : Agency