PNG कनेक्शन वालों के लिए बड़ा नियम, 30 दिन में LPG कनेक्शन सरेंडर जरूरी
नई दिल्ली
अगर आप लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, केंद्र सरकार ने नया नियम लागू करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लिया जाएगा, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी (LPG) कनेक्शन सरेंडर करना होगा। यह नियम इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के ग्राहकों पर लागू होगा। इसका मकसद डुप्लिकेट कनेक्शन खत्म करना, सब्सिडी को बेहतर बनाना और सिलेंडर की सप्लाई को उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भेजना है जहां पाइप्ड गैस की सुविधा नहीं है।
30 दिन में कनेक्शन सरेंडर करने का नियम
बीते मई महीने में सरकार ने LPG (सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का नियमन) संशोधन आदेश, 2026' को जारी किया था। इन संशोधित नियमों के तहत जो परिवार PNG कनेक्शन लेते हैं, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना मौजूदा LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। अगर उदाहरण से समझें तो अगर कोई परिवार 1 जून को PNG कनेक्शन लेता तो उसे 1 जुलाई तक अपना LPG अकाउंट बंद करना होगा। अगर इस समय-सीमा का पालन नहीं किया जाता है, तो LPG रिफिल पर रोक लग सकती है और अकाउंट बंद भी किया जा सकता है।
किसे मिलेगा ट्रांसफर वाउचर ?
हालांकि, नौकरी या पढ़ाई के कारण एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष प्रावधान भी किया है। ऐसे उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करने के बाद ट्रांसफर वाउचर दिया जाएगा। इसके तहत जहां PNG सुविधा नहीं होगी वहां पर एलपीजी कनेक्शन दोबारा हासिल करने में मदद करेगा। इससे किरायेदारों, छात्रों, प्रवासी कर्मचारियों और ट्रांसफरेबल जॉब करने वाले लोगों की बड़ी चिंता दूर होने की उम्मीद है। वर्तमान नियमों के तहत उपभोक्ता अपनी श्रेणी और क्षेत्र के अनुसार 25 दिन, 35 दिन या 45 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुक करा सकते हैं।
इस बीच, खबर है कि तेल मार्केटिंग कंपनियां उन ग्राहकों की पहचान करने के लिए डेटाबेस की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं जिनके पास दोनों तरह के कनेक्शन हैं, ताकि उन्हें पूरी तरह से PNG पर स्विच करने के लिए कहा जा सके, जहां नेटवर्क मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि डुप्लीकेट कनेक्शन खत्म करने से कालाबाजारी रुकती है, सब्सिडी वाले कमर्शियल सिलेंडर के दुरुपयोग को रोका जा सकता है और पूरी तरह से LPG पर निर्भर घरों के लिए ईंधन वितरण को बेहतर बनाया जा सकता है।
नए नियम के तहत अब डिलीवरी एजेंट के सिलेंडर सौंपने से पहले, ग्राहकों को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया वैलिड वन-टाइम पासवर्ड (OTP) बताना होगा।


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